महाशिवरात्रि कांवड़ सेवा शिविर
शिविर की सेवाएं
धामपुर, जिला बिजनौर · 5वां वार्षिक शिविर (2026) · हर सेवा निःशुल्क
कांवड़िये को रास्ते में क्या चाहिए
महाशिवरात्रि की कांवड़ यात्रा पैदल होती है। भक्त गंगाजल लेकर कई दिन चलता है, अक्सर रात में, अक्सर नंगे पैर। ऐसी यात्रा में तीन चीजें सबसे जरूरी हो जाती हैं — बैठने और सोने की जगह, गरम भोजन, और यह भरोसा कि रास्ते में कोई अपना है।
श्री अजय सेवा का शिविर इन्हीं तीन जरूरतों के लिए है।
1
विश्राम शिविर
- टेंट लगाकर बिस्तर और चादर की व्यवस्था की जाती है।
- कांवड़िया कुछ घंटे सो सकता है और फिर यात्रा पर आगे बढ़ सकता है।
2
भोजन एवं प्रसाद
- शिविर में ही भोजन तैयार होता है।
- प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहती है।
- किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
3
रातभर रोशनी, सुरक्षा एवं व्यवस्था
- पूरा शिविर रातभर रोशन रहता है — यात्रा रात में भी चलती रहती है।
- सुरक्षा और प्रबंधन के लिए स्वयंसेवक हर समय मौजूद रहते हैं।
- मोबाइल चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था रहती है।
4
भजन संध्या एवं झांकी
- मंच पर भजन-कीर्तन होता है।
- देव झांकी सजाई जाती है, जहां भक्त दर्शन कर सकते हैं।
- ध्वनि और प्रकाश की पूरी व्यवस्था रहती है।
5
निःशुल्क चिकित्सा
- निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवाइयों की व्यवस्था।
- 2024 में मोहड़ा गांव में लगे चिकित्सा शिविर में 163 लोगों के स्वास्थ्य की जांच हुई — अखबारों ने भी इस सेवा को कवर किया।
6
स्वागत एवं कांवड़ व्यवस्था
- सजे हुए स्वागत द्वार से हर कांवड़िये का अभिनंदन किया जाता है।
- सजी हुई कांवड़ों को रखने के लिए अलग स्थान बनाया जाता है।
शिविर कब लगता है
शिविर महाशिवरात्रि की कांवड़ यात्रा के समय लगाया जाता है। तिथि हर वर्ष बदलती है, इसलिए शिविर की घोषणा हमारे Facebook पृष्ठ पर की जाती है। सही तारीख जानने के लिए फोन या WhatsApp कीजिए।